कोरबा। विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवती को म्यांमार के कुख्यात केके पार्क में बंधक बनाकर साइबर ठगी कराने वाले गिरोह की एक महिला सदस्य को कोरबा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना दर्री पुलिस द्वारा की गई है।
मामले में प्रार्थिया निवासी दर्री ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि फेसबुक पर बैंकॉक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी का विज्ञापन देखा था, जिसमें लगभग 30 हजार थाई भाट प्रतिमाह सैलरी का ऑफर था। विज्ञापन देखकर उसने दिए गए नंबर पर संपर्क किया। आरोपी महिला लीजा एवं उसके साथियों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। पहले उसे बेंगलुरु बुलाया गया, फिर फ्लाइट से थाईलैंड ले जाया गया। वहां से बॉर्डर पार कराकर म्यांमार के केके पार्क पहुंचा दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि केके पार्क पहुंचते ही उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और उसे बंधक बना लिया गया। वहां उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। उसे फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर भारतीय लोगों से ठगी करने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता की सूचना पर भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन की मदद से उसे सुरक्षित भारत वापस लाया गया। कोरबा लौटने के बाद पीड़िता ने थाना दर्री में पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर थाना दर्री में अपराध क्रमांक 331/2026, धारा 143(2), 146 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को इस गिरोह में संलिप्तता के साक्ष्य मिले। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपिया स्नेहा भथलाल बडोले, उम्र 35 वर्ष, निवासी जिला गोंदिया, महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया। आरोपिया को न्यायालय में पेश कर रिमांड प्राप्त की गई है। पुलिस अब अन्य आरोपियों और इस गिरोह के डिजिटल व वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
कोरबा पुलिस ने बताया कि जिले में साइबर जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के साथ ही ऑनलाइन ठगी, फर्जी नौकरी के प्रस्तावों और सोशल मीडिया फ्रॉड के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के किसी भी अनजान ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
